Saturday, January 16, 2016

घोंसला

दुनिया के जंगल में भटकता दिल
चाहता है एक घोंसला 
प्रेम के ताने बाने से बुना हुआ ,
मखमली एहसास लिए ।
जहाँ दुनिया की बाक़ी बातें 
बहुत पीछे छूट जाती हो
और थोड़ी देर के लिए ही सही
ये दुनिया जन्नत सी लगती हो ।
तभी तो
हर प्रेम गीत में एक कशिश होती है,
हर प्रेम कहानी में एक आकर्षण होता है,

और
तीन घंटे की एक रोमांटिक चलचित्र का
असर रहता है सालों -साल तक ।
- सीमा 



वे जरूर मिलेंगे
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वह लडका दुनिया से परे था
वह लड़की भी औरो से
अलग थी !
पर
दोनों ने एक लम्बी चुप्पी ओढ ली थी!!

कि जब
कहने को कुछ नहीं रह जाता
शब्द सरक जाते हैं!
जब
प्रेम के बीज को सही जमीन
नहीं मिल पाती तो
दूरियाँ बढ जाती हैं!

पर मौसम करवट बदलता है!
इसी आस पर मैं इंतजार करूँगी !
ये फिर मिलेंगे,
हाँ प्रेम के बीज को दोनों ने
थोड़ा -थोड़ा दबा के
रक्खा है अपनी मुट्ठी में !
वे मिलेंगे,
वे जरूर मिलेंगे
- सीमा 

Tuesday, December 22, 2015

रवानी

वो इश्क की
रवानी थी
उसके एहसासों में
गर्मी थी!!
इस सर्द मौसम में 
कुछ जम सा
गया है भीतर !!

(रवानी -प्रवाह )

- सीमा ...

Friday, December 18, 2015

डायरी


अब डायरियाँ 
सहेज नहीं पातीं 
ज्यादा उठा पटक !
वो शांत 
रहने लगी हैं !

पिछले पतझर में 
उसने झाड़ दिए थे 
अपने सारे पीले पत्ते !

दफ़न किया हुआ 
हर शब्द 
अब साँसे लेने  लगा है  !

डायरियों ने अपना 
लिहाफ झाड़ लिया है  !

शब्द  परिंदो की तरह
अब  बेख़ौफ़ 
मंडरा रहे हैं 
 इधर - उधर    !!

- सीमा 

 पीले पत्ते = पीले पन्ने 






Thursday, December 17, 2015

अनमोल धरोहर


अनमोल धरोहर 
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ओह ! तुमने कितने ही 
हसीन  पल खो दिए !
जिंदगी ने कई बार 
मौका दिया 
पर तुम तो 
रफ़्तार पसंद  हो ना !

मुझे फिक्र है
 तुम्हारे बुढ़ापे की !
(जाने  मै  तब 
रहूँ या ना रहूँ !!)

 इन 
बर्फीली हवाओ  वाले 
मौसम में तब 
तुम्हारे पास 
नहीं होगी 
यादो की अंगीठी !!

हाँ ,यही यादें तो 
हमे गर्म रखती  हैं 
 ठिठुरती सर्दियों में !

ये  खट्टी ,मीठी यादें 
अनमोल धरोहर हैं !

आओ कुछ  
खट्टे ,मीठे पलों को   
यादों के खाते में 
जमा कर लें !

सर्दियों के 
दस्ताने और जुराबों  
के साथ इन्हे भी 
 संभाल कर रख लें  !!
- सीमा 



गुलाबी पंखुरियाँ

गुलाबी पंखुरियाँ
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उसे कहा गया
कि इसी जगह पर
वह मिलेगा 
तुमसे !
वह इंतज़ार
करती रही !
एक दिन उसी जगह पर
सबने
एक समाधि देखी !
कुछ दिनों बाद
उसे भी
देखा गया !
वह आया था
दो बूँद आँसू
और हथेली पर
गुलाबी पंखुरियाँ लेकर !!
- सीमा

Wednesday, December 16, 2015

भ्रम


रिश्ते ख़त्म नहीं होते
लम्बी चुप्पी से !
बस कभी ,कभी
मन अनमना सा हो
जाता है !
अपनी परेशानियों को
नहीं बाँटना चाहता
अपने बहुत
अजीज मित्रो से भी !
हम सब इक से
नहीं होते ना !
तो कही ना कही
गुंजाईश होती है
नकारे जाने की !!
और इस दरम्यान 
पसर जाती है एक 
खामोशी !!
जो भ्रम पैदा करती है !!
- सीमा