तुमने पूछा मेरा हाल मैंने भेज दिए कुछ सादे पन्ने !! मुझे पता था उन सादे पन्नो से पढ़ लोगे तुम मेरे अनकही बातो को , पर तुम भी कहाँ कुछ लिख पाए और भेज दिया सादा ही ! मैंने भी पढ़ ली है उन सारी अनकही बातो को तभी तो आँखों से बहते सावन से भींग गए हैं वो सादे पन्ने !! - सीमा
उस दिन तुमने यूँ ही अनजाने में नहीं बनाई होगी मेरी तस्वीर , जरूर मेरी याद गहराई होगी और मुझे अपने बहुत पास लाने खातिर तुम खीचते गए होंगे मुझे अपनी उँगलियों से !!