Friday, July 17, 2015

फिक्रमंद


फिक्रमंद हूँ

 उनके लिए मै !
कि बड़ी पाक 
मोहब्बत है 
उनके दिल में !!
- सीमा 

बागवान

दो कलियों की 
करी रखवाली ,
जाग,जाग कर मैंने 

आज वो खिल 
रही हैं ,
निरख रही 
हूँ मै   !!

- सीमा 

Thursday, July 16, 2015

सादे पन्नें



तुमने पूछा मेरा हाल 
मैंने भेज दिए कुछ 
सादे पन्ने !!

मुझे पता था 
उन सादे पन्नो से  
पढ़ लोगे तुम 
मेरे अनकही 
बातो को ,
पर
तुम भी कहाँ 
कुछ लिख   पाए 
और भेज दिया 
सादा ही !

मैंने भी 
पढ़ ली है 
उन  सारी 
अनकही बातो को  

तभी तो 
आँखों से 
बहते सावन से   
भींग गए हैं वो 

 सादे पन्ने !!

- सीमा 

Wednesday, July 15, 2015

जिंदगी

यूँ ही 
कुढ़ते - भूनते

ख़त्म हो 
जाती है 
जिंदगी !

हम अच्छे 
पलो को 
दफ़न कर
 आते हैँ और 
बुरे वक़्त के 
बोझ को 
उठाए फिरते हैँ 
काँधो पे !!

- सीमा 

तस्वीर


उस दिन तुमने 
यूँ ही अनजाने में 
नहीं बनाई होगी 
मेरी तस्वीर ,

जरूर मेरी याद 
गहराई होगी और 
मुझे अपने
 बहुत पास
 लाने खातिर 
तुम खीचते गए होंगे 

मुझे अपनी 
उँगलियों से !!

- सीमा 



जरा सा प्यार

वो जरा सा प्यार 
जो उसने  तुमसे 
पाया था 
अभी तक 
बसा    है 
उसके  गालों की 
लाली में ,

यूँ तो जिंदगी की 
भाग दौड़ में
कितनी ही 
 कीमती चीजें 
गुम हो जाती हैं !!
- सीमा 

कहानी


एक पूरी कहानी 
पल रही है 
जेहन में 
टुकड़े ,टुकड़े में 

क्या लिखूँ !!

- सीमा